भराड़ीसैंण की वादियों में पांच दिन चले सत्र में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के साथ ही पक्ष-विपक्ष के बीच शब्दों के बाण भी खूब चले। सरकार ने जहां अपनी चार साल की उपलब्धियां और भविष्य के रोड मैप को सदन में रखा, वहीं विपक्ष ने विभिन्न मुद्दो पर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
शुक्रवार को सदन में भोजनावकाश के बाद सदन में बजट पर चर्चा शुरू हुई। पक्ष व विपक्ष के विधायकों ने बजट चर्चा में भाग लिया। विधानसभा सत्र के पांचवें दिन सदन में भ्रष्टाचार, खनन, स्वास्थ्य, किसानों के मुद्दे गरमाए रहे। सरकार ने पहले से ही पांच दिन का सत्र तय किया था। लेकिन विपक्ष सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर सरकार पर सदन न चलाने के आरोप लगाता रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि सरकार विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देगी। चर्चा के लिए सत्र को सोमवार को भी चलाने के लिए पीछे नहीं हटेगी। आमतौर विपक्ष के सदन की कार्यवाही से वॉक आउट के बाद बजट को ध्वनिमत से पारित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार विपक्ष सदन में मौजूद रहा। सरकार ने भी विपक्ष की मंशा को भांप कर बजट पर चर्चा का पूरा मौका दिया। पांच दिन तक चले सत्र में पक्ष-विपक्ष के बीच मुद्दों पर तीखी बहस होने के साथ एक-दूसरे पर शब्दों के बाण चलते रहे। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे को नियमों व परंपराओं की सीख देता रहा। अंतिम दिन विधानसभा के बाहर यही चर्चा रही किदेर शाम तक बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगा। लेकिन सरकार ने सदन में विपक्ष को बजट पर अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया। वहीं, विपक्ष भी आखिरी समय तक सदन में मौजूद रहा।भराड़ीसैंण विधानसभा में दोपहर बाद चहल-पहल भी धीरे-धीरे कम होने लगी थी। कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी वापस लौटने शुरू हो गए थे। लेकिन सरकार के मंत्री व विधायक भराड़ीसैंण में डटे रहे। रात 12.30 बजे बजट पारित करने के बाद सत्र को अनिश्चितकाल के स्थगित किया गया।