बदरीनाथ मंदिर मामला: पूर्व अधिकारी पर गंभीर आरोप

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चमोली। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री में कथित अनियमितता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व मंदिर अधिकारी एवं तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद हुई इस गिरफ्तारी ने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच हलचल मचा दी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में 22, 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग में राजेंद्र चौहान कथित रूप से कई बार चढ़ावे की नकदी, 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। उस समय वह मंदिर अधिकारी होने के साथ-साथ थाली भेंट गणना के प्रभारी भी थे। 30 जून को उनकी सेवानिवृत्ति हुई थी और अब सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिन बाद उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से पूछताछ के लिए बदरीनाथ थाना बुलाया। करीब चार घंटे तक चली पूछताछ के दौरान सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी कथित संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस पूरे मामले में एक अन्य व्यक्ति भी जांच एजेंसियों के रडार पर है, जिसकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

इस मामले में इससे पहले 12 जुलाई को बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को भी गिरफ्तार किया गया था। वह वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में कारागार में बंद है। पुलिस का दावा है कि विवेचना में सामने आया है कि राजेंद्र चौहान और प्रमोद नौटियाल ने मिलकर चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री में कथित अनियमितता का षड्यंत्र रचा था। इस संबंध में कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बीकेटीसी की ओर से उपलब्ध कराए गए राजेंद्र चौहान के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान वहां से केसर के पांच डिब्बे और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद हुई है, जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। बदरीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना, भगवान के अभिषेक, चंदन लेप और प्रसाद में केसर का विशेष धार्मिक महत्व है। बाजार में इसकी कीमत भी काफी अधिक होने के कारण इसकी बरामदगी को जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल किया गया है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, तीर्थ पुरोहितों और बीकेटीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी निराशा का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि मंदिर समिति के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। कुछ व्यक्तियों की कथित अनियमितताओं से पूरे संस्थान की छवि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और बदरीनाथ धाम की गरिमा अक्षुण्ण रह सके।