नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। इस बीच सऊदी अरब से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही ईरान ने सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी निशाना बनाया और खूब बम बरसाए। इन हमलों में वहां खड़े पांच अमेरिकी वायु सेना के पांच रिफ्यूअलिंग (तेल भरने वाले) विमान क्षतिग्रस्त हो गए। सूत्रों के अनुसार विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है। हमले में किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी केसी-135 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान पर सवार सभी छह क्रू मेंबर की मौत हो गई थी। इसके अलावा एक मार्च को कुवैत में तीन अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान फ्रेंडली फायर की वजह से गिर गए, लेकिन सभी एयरक्रू सुरक्षित रहे। रिपोर्ट्स में कहा गया कि कुवैत का एक एफ-18 विमान गलती से इन एफ-15 विमानों को मार गिरा। इधर इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला हुआ है। इराकी अधिकारियों के अनुसार दूतावास परिसर के भीतर मौजूद हेलीपैड को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई है। हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी दूतावास में लगे रडार सिस्टम को एक आत्मघाती ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से धुएं का गुबार उठता साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी तक दूतावास के भीतर किसी के हताहत होने या सटीक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी पक्ष से नहीं की गई है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों पर भारी इनाम की घोषणा की थी और एक अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया था।
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