Mar 21, 2026

उत्तराखंड में ईद पर ड्रोन कैमरों की निगरानी: संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने बरती विशेष अतिरिक्त सतर्कता

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देहरादून। एक महीने के पवित्र रमजान के बाद उत्तराखंड में ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार को पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी।

रामनगर में ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी नए कपड़े पहनकर त्योहार की खुशियों में डूबे नजर आए। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया। घरों में सेवइयां, खीर और अन्य पारंपरिक पकवान बनाए गए, जिनका आनंद परिवार और मित्रों के साथ लिया गया। शहर काजी गुलाम मुस्तफा नईमी ने ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह त्योहार इंसानियत, भाईचारे और आपसी सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। हरिद्वार में भी ईद की रौनक देखते ही बनी। जिले की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। भेल जामा मस्जिद, जामा मस्जिद कटहरा बाजार, मंडी की मस्जिद और ज्वालापुर क्षेत्र के मदरसों में भी विशेष नमाज अदा की गई। मौलानाओं ने नमाज के बाद खुतबा देते हुए भाईचारे और एकता का संदेश दिया।

पंचपुरी क्षेत्र के धनपुरा, पदार्था, नसीरपुर कलां, गाडोवाली, सराय, कस्समपुर, बुढाहेड़ी, चांदपुर और कटारपुर सहित कई गांवों में भी ईद बड़े उत्साह से मनाई गई। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे के घर पहुंचे और सेवइयां व खीर का आनंद लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलती है, जहां सभी समुदाय मिलकर त्योहार मनाते हैं। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ईद को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। रुड़की में भी ईद-उल-फितर का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य ईदगाह में हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदा की, जहां का दृश्य एकता और भाईचारे का प्रतीक बन गया। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी और देश की तरक्की व शांति की कामना की। कुल मिलाकर, पूरे उत्तराखंड में ईद-उल-फितर का त्योहार शांति, सद्भाव और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया गया। प्रशासन की सतर्कता और लोगों की सहभागिता से पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसने सामाजिक एकता की मजबूत तस्वीर पेश की।