Mar 05, 2026

रिफ्यूजी कैंप बमबारी के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। दोनों तरफ से हो रहे हमलों से यह तय हो गया है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह संकट अभी कुछ दिनों तक चलेगा। इस दौरान ईरान अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों के बीच अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में अब तक जान गंवाने वालों की तादाद एक हजार से ज्यादा हो गई है। वहीं लेबनान में करीब 60, इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की जान गई है। इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के 6 सैनिकों के भी मारे जाने की खबर है। इजरायल ने बुधवार को ईरान पर नए सिरे से हवाई हमले किए। इलेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच मंगलवार रात अमेरिका ने कैलिफोर्निया तट पर एक डूम्सडे बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे ‘मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल’ लॉन्च की गई, जो हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इधर कुवैत के गृह मंत्रालय ने कहा कि एक तेल टैंकर में धमाका देश के पानी के बाहर हुआ, जो मुबारक अल-कबीर पोर्ट से 60 किलोमीटर से ज़्यादा दूर है। इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया था कि टैंकर के कैप्टन ने जहाज़ के पोर्ट साइड पर एक बड़ा धमाका सुना और देखा, जब वह लंगर डाले हुए था। बाद में क्रू ने एक छोटी नाव को उस इलाके से निकलते देखा। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं, लेकिन जहाज़ में पानी भर गया था और एक कार्गो टैंक से तेल समुद्र में लीक होता देखा गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस रिसाव से आस.पास के पानी में पर्यावरण को नुकसान हो सकता है।