सरकारी विकास कार्यक्रम में सियासी ड्रामा

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रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में नगर निगम द्वारा आयोजित करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब मंच पर विकास कार्यों की चर्चा से अधिक विधायक और मेयर के समर्थकों की नारेबाजी चर्चा का विषय बन गई। प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के दो जनप्रतिनिधियों के समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है। जिले के प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा नगर निगम रुद्रपुर पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने नगर निगम द्वारा प्रस्तावित करोड़ों रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का विधिवत शिलान्यास किया। शिलान्यास के उपरांत नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताया। हालांकि कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल तब गर्म हो गया, जब मेयर और विधायक समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कार्यक्रम के दौरान विधायक शिव अरोरा के समर्थकों ने ‘हमारा विधायक कैसा हो, शिव अरोरा जैसा हो’ के नारे लगाए। इससे पहले एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मेयर विकास शर्मा की मौजूदगी में उनके समर्थक ‘हमारा विधायक कैसा हो, विकास शर्मा जैसा हो’ के नारे लगाते दिखाई दिए थे। दोनों घटनाओं ने स्थानीय राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार दोनों पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में जमकर नारे लगाए। हालांकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी, लेकिन समर्थकों की नारेबाजी ने पूरे आयोजन का राजनीतिक संदेश बदल दिया। विकास कार्यों के शुभारंभ से अधिक चर्चा सत्ता पक्ष के भीतर दिखाई दे रही प्रतिस्पर्धा की होने लगी। 

शिलापट्ट से विधायक का नाम गायब
इसी कार्यक्रम से जुड़ा एक और मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बन गया। नगर निगम की ओर से लगाए गए विकास कार्यों के शिलापट्टों में रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा का नाम नहीं होने पर सवाल उठने लगे। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे सामान्य प्रशासनिक चूक मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि नगर निगम या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता पक्ष के भीतर सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की घटनाएं कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं। विकास कार्यों के कार्यक्रम आमतौर पर सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का माध्यम होते हैं, लेकिन यदि ऐसे आयोजनों में व्यक्तिगत या राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन हावी होने लगे तो मूल उद्देश्य पीछे छूट जाता है। फिलहाल रुद्रपुर में आयोजित यह कार्यक्रम विकास कार्यों के शिलान्यास से अधिक विधायक और मेयर के बीच दिखाई दी राजनीतिक तल्खीए समर्थकों की नारेबाजी और शिलापट्ट से विधायक का नाम गायब होने को लेकर चर्चाओं में बना हुआ है।