मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं, लक्ष्य पर फोकस रखें: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टॉपर विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने सचिवालय में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से आए मेधावी और टॉपर विद्यार्थियों से खास मुलाकात की। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले इन प्रतिभावान छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्य सचिव ने उनके साथ अपने अनुभव साझा किए और जीवन में सफलता प्राप्त करने के कई मूल मंत्र दिए।

पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी और टॉपर विद्यार्थियों के लिए भारत भ्रमण के दौरान सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात प्रेरणादायी अनुभव रही। विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले विद्यार्थियों ने सचिवालय पहुंचकर मुख्य सचिव से संवाद किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से शिक्षा, तकनीक, प्रतिस्पर्धा, मोबाइल फोन के उपयोग और नशे से दूर रहने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक अभिभावक की इच्छा होती है कि उनका बच्चा जीवन में बेहतर प्रदर्शन करे और आगे बढ़े। विद्यार्थियों ने पढ़ाई के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सफलता हासिल करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लगातार प्रयास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के जरिए ही व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज का दौर तेजी से बदल रही तकनीक और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का दौर है। तकनीक में लगातार बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में विद्यार्थियों के लिए स्वयं को अपडेट रखना और तकनीकी रूप से सक्षम बनना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा केवल गांव, क्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को देशभर के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। ऐसे में अपनी क्षमताओं को पहचानना और लगातार उनमें सुधार करना जरूरी है। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का लगातार विस्तार करना चाहिए। बदलते समय के साथ नई तकनीक और नई जानकारियों को सीखना भविष्य में उन्हें बेहतर अवसर दिला सकता है। मोबाइल फोन और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर भी मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और तकनीक के कई फायदे हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। विद्यार्थियों को तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों के लिए करना चाहिए और इसके अनावश्यक इस्तेमाल से बचना चाहिए। मुख्य सचिव ने युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता जताते हुए विद्यार्थियों से इससे पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य और उसकी क्षमताओं को प्रभावित कर सकता है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ काम करने की सलाह दी। सचिवालय में हुआ यह संवाद विद्यार्थियों के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी से सीधे अनुभव और मार्गदर्शन हासिल करने का अवसर भी बना। भारत भ्रमण के दौरान मिले इस अनुभव से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की दिशा तय करने में प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।