Apr 11, 2026

स्थानीय अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को बढ़ावा: यात्रा से पहले हरिद्वार के वाहन स्वामियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया सरल

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हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विभाग ने अब तक जिले के 600 वाहनों को तकनीकी जांच के बाद 'ग्रीन कार्ड' जारी कर दिए हैं। इन वाहनों को पहाड़ी मार्गों की कठिन परिस्थितियों के अनुकूल पाए जाने के बाद ही यात्रा के लिए अधिकृत किया गया है।

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा 31 मार्च को ग्रीन कार्ड सेवा के औपचारिक शुभारंभ के बाद से ही आवेदन प्रक्रिया में तेजी आई है। पिछले 10 दिनों के भीतर एआरटीओ कार्यालय ने रिकॉर्ड 600 कार्ड जारी किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) निखिल शर्मा ने बताया कि केवल उन्हीं वाहनों को अनुमति दी जा रही है जो फिटनेस मानकों पर 100% खरे उतर रहे हैं। जांच के दौरान वाहनों के ब्रेक, टायर, लाइट, प्रदूषण स्तर और इंजन की क्षमता की गहनता से पड़ताल की जा रही है। विशेष रूप से पहाड़ी घुमावदार रास्तों पर वाहनों के नियंत्रण की क्षमता को परखा जा रहा है। यात्रा सीजन शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में वाहन स्वामियों ने आवेदन किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि बिना वैध ग्रीन कार्ड के किसी भी व्यावसायिक वाहन को यात्रा मार्ग पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके लिए रूट और पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी खाका तैयार किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए वाहनों में अनिवार्य रूप से प्राथमिक चिकित्सा किट और अग्निशमन यंत्र की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जा रही है। जैसे-जैसे यात्रा की तिथि नजदीक आ रही है, आवेदकों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने अतिरिक्त काउंटर खोलने और जांच टीमों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी पात्र वाहनों को समय पर अनुमति मिल जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को परिवहन के स्तर पर किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए अपने वाहनों की फिटनेस जांच जल्द से जल्द करा लें।