Apr 11, 2026

तीर्थयात्रा हुई सरल: केदारनाथ में वीआईपी प्रवेश प्रतिबंधित होने से नियमित भक्तों को लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन केदारनाथ धाम में इस बार वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सख्त फैसला लिया है कि अब केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले व्यक्तियों को ही वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलेगी। आम श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए सामान्य लाइन में लगना पड़ेगा।

मंदिर परिसर में इस वर्ष मोबाइल फोन, कैमरा, फोटो खींचने, वीडियो बनाने और ब्लॉगिंग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर में अव्यवस्था पर अंकुश लगेगा और धार्मिक वातावरण शांत तथा गरिमामय बना रहेगा। हर साल वीआईपी दर्शन को लेकर पक्षपात और अव्यवस्था के आरोप लगते रहे हैं, जिसके चलते तीर्थ पुरोहितों और आम श्रद्धालुओं ने लगातार आपत्ति जताई थी। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान ने बताया कि नई व्यवस्था से यात्रा प्रबंधन में सुधार होगा और आम श्रद्धालुओं को अनावश्यक लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। समिति का प्रयास है कि दर्शन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और समानता पर आधारित हो। अब देखना यह होगा कि ये नए नियम धरातल पर कितने प्रभावी साबित होते हैं। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से हो रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने हैं।

यात्रा को सुगम बनाने के लिए मार्गों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील 100 डेंजर जोनों में से 80 जोनों की मरम्मत के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है। राहत-बचाव दल और संबंधित विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।केदारनाथ में वीआईपी दर्शन पर लगाई गई इस सख्ती को आम श्रद्धालुओं ने सकारात्मक कदम बताया है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि इससे सभी को समान अवसर मिलेगा और मंदिर में शांति बनी रहेगी। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी चिंता जताई है कि प्रोटोकॉल का दुरुपयोग न हो।मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रोटोकॉल केवल वास्तविक सरकारी और प्रशासनिक जरूरतों के लिए ही इस्तेमाल होगा। कोई भी व्यक्ति बिना वैध प्रोटोकॉल के वीआईपी दर्शन की मांग नहीं कर सकेगा। चारधाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति दोनों ही स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। केदारनाथ में लागू की गई नई व्यवस्था को यात्रा के दौरान कितनी सफलता मिलती है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।